कोई नामुमकिन काम मुमकिन करके तो दिखा
ज़माना ये खुद पहचान लेगा,भीड़ से अलग चलके तो दिखा
कर अपने सारे सपने पूरे,
चाहे पड़ जाए ज़िंदगी के दिन आधे अधूरे
क्यूं करता है किसी और जैसा बनने की कोशिश
तू खुद की पहचान बनाके तो दिखा
माना आज है दुखों की आंधी
उनको खुशियों के तूफान में बदल के तो दिखा
माना आज है तुझमें दीपक को लौ
उसको सूरज की आग में बदल के तो दिखा
कुछ करना है.....कुछ करना है
कुछ बनना है.....कुछ बनना है
ऐसी एक लगन अपने दिल में बसा के तो दिखा
कर कोशिशें सीखने की
ना ले भावनाओं की भीख किसी की
बन खुद सूरमा अपनी जंग का
कर तेज धार अपने लगन की तलवार की
एक बार नहीं हज़ार बार हार
ना रुकना है....ना थकना है....चलते रहना है
ऐसा होंसला कायम रख के तो दिखा
पूरी दुनिया तेरे बारे में जान जाएगी
कुछ ऐसा चमत्कार करके तो दिखा